त्रिनेत्र

आपके पास भी है त्रिनेत्र  

नमस्कार दोस्तों मेरा नाम पंडित म्रदुल् कुमार ऋषि है
और मैं अपने सभी मित्रो का स्वागत् करता हूँ 
दोस्तों आज हम चर्चा करेंगे मनुष्य  के  त्रिनेत्र को 
जग्रत् करने की विधि के बारे में .......

त्रिनेत्र किसे कहते है ?
दोस्तों  क्या आप जानते हैं  के हिन्दू धर्म में माथे पर तिलक 
क्यों लगाया जाता है.? यदि नहीं जानते तो कोई बात नहीं।
दोस्तों हिन्दू धर्म  में तिलक इस्लिये लगाया जाता है  ताकि मनुष्य अपनी  दोनो भौं के बीच इस्थित् उस शक्ति बिन्दु  को महसूस कर सके दोस्तों  जीस जगह हम तिलक लगाते है ठिक उस ही जगह एक शक्ति बिन्दु होता है उसी  बिन्दु को त्रिनेत्र् कहा जाता है ... यादि कोई मनुष्य अपनी आखे बंद करके  अपने मस्तिष्क के शक्ति बिन्दु को महसूस करे  तो  कुछ दिनों बाद उसका त्रिनत्र् सक्रिय होने लगता है।
और जब त्रिनेत्र् पूरी तरहा से जग्रत् हो जायेगा तो वह व्यक्ति  स्व्यम्  के अन्दर  अपार  शक्तियों  का अनुभव् करता है


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