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त्राटक कि शक्ति

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नमस्कार दोस्तों मैं मृदुल पंडीत अापका दिल से स्वागत करता हुं दोस्तो आज मैं आपको त्राटक की शक्ति के बारे में बताऊंगा ,  दो स्तों  आज आप स्वयं अनुभव करेंगे अपने त्रिनेत्र कि शक्ति  दोस्तों यहाँ नीचे आपको एक चित्र  दिया गया  है यह चित्र एक लड़की का  है चित्र मे  लड़की  की  नाक पर एक बिन्दु स्थित हैं   इस चित्र को ज़ूम करके अाप को इस बिन्दु  पर   30 second तक ध्यान लगाना है  अौर   30 second  ध्यान लगाने  के बाद  चित्र के बराबर में  दिये गये  सफेद रंग के   Box को भी उतना ही ज़म करे अौर उसे  देखिए  ऐसा करने से आपको कुछ ऐसा  अनुभव होगा की आप यकीन  नही कर पाओगे । अपना अनुभव  हमारे साथ  जरुर  शेयर करे...... धन्यवाद 

त्रिनेत्र

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आपके पास भी है त्रिनेत्र   नमस्कार दोस्तों मेरा नाम पंडित म्रदुल् कुमार ऋषि है और मैं अपने सभी मित्रो का स्वागत् करता हूँ  दोस्तों आज हम चर्चा करेंगे मनुष्य  के   त्रिनेत्र को  जग्रत् करने की विधि के बारे में ....... त्रिनेत्र किसे कहते है ? दोस्तों  क्या आप जानते हैं  के हिन्दू धर्म में माथे पर तिलक  क्यों लगाया जाता है.? यदि नहीं जानते तो कोई बात नहीं। दोस्तों हिन्दू धर्म  में तिलक इस्लिये लगाया जाता है  ताकि मनुष्य अपनी  दोनो भौं के बीच इस्थित् उस शक्ति बिन्दु  को महसूस कर सके दोस्तों  जीस जगह हम तिलक लगाते है ठिक उस ही जगह एक शक्ति बिन्दु होता है उसी  बिन्दु को त्रिनेत्र् कहा जाता है ... यादि कोई मनुष्य अपनी आखे बंद करके  अपने मस्तिष्क के शक्ति बिन्दु को महसूस करे  तो  कुछ दिनों बाद उसका त्रिनत्र् सक्रिय होने लगता है। और जब त्रिनेत्र् पूरी तरहा से जग्रत् हो जायेगा तो वह व्यक्ति  स्व्यम्  के अन्दर  अपार  शक्तियों  का अनुभव् करता है
उर्वशी साधना - नमस्कार दोस्तों मेरा नाम मृदुल पंडित है और आज मै आपको बताऊंगा उर्वशी साधना के बारे मैं मित्रों रम्भा, उर्वशी और मेनका तो देवताओं की अप्सराएं रही हैं, और प्रत्येक देवता इन्हे प्राप्त करने के लिए प्रयत्नशील रहा है। यदि इन अप्सराओं को देवता प्राप्त करने के लिए इच्छुक रहे हैं, तो मनुष्य भी इन्हे प्रेमिका रूप में प्राप्त कर सकते हैं। इस साधना को सिद्ध करने में कोई दोष या हानि नहीं है तथा जब अप्सराओं में श्रेष्ठ उर्वशी सिद्ध होकर वश में आ जाती है, तो वह प्रेमिका की तरह मनोरंजन करती है, तथा संसार की दुर्लभ वस्तुएं और पदार्थ भेट स्वरुप लाकर देती है। जीवन भर यह अप्सरा साधक के अनुकूल बनी रहती है, वास्तव में ही यह साधना जीवन की श्रेष्ठ एवं मधुर साधना है तथा प्रत्येक साधक को इस सिद्धि के लिए प्रयत्नशील होना चाहिए। साधना विधान इस साधना को किसी भी शुक्रवार से प्रारम्भ किया जा सकता है। यह रात्रिकालीं साधना है। स्नान आदि कर पीले आसन पर उत्तर की ओर मुंह करके बैठ जाएं। सामने पीले वस्त्र पर 'उर्वशी यंत्र' (ताबीज) स्थापित कर दें तथा सामने पांच गुलाब के पुष्प रख दें। फिर पां...

Traatak Saadhna8

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Traatak Saadhna Namaskar Mittro, Main Mradul Kumar Rishi aap sabhi logo ka Swaagat krta hu.... Dosto aaj hum baat krange TRAATAK SAADHNA k bare me Dosto yadi coi saadhak Is traatak siddhi ko siddh krle to Sambhav h k wo vyakti apne Bhavishya me hone waali ghatnaa ko pahle hi bhaap sakta h.... ji haa shyad aapko meri is baat p viswaas na ho parantu ye Sattya h.... or ye coi Chamatkar nahi h balki ek Viggyaan h..... TRAATAK SAADHNA VIDHI.. Traatak krne se humaare dimaak ki wo shakti sakriya hojaati h jiske maadhyam se hm apne bhavishya ka anuman laga sakte h... Traatak shuru krne se pahle aapko apne liye ek Guru Chunna hoga wo coi santh b ho sakta h or bhagwaan ka coi rup bhi.... Ab aapko ek aisi jaga chunni h jaba shaanti ho or kisi b diwaar p ek kaale rang ka gola banale or wo gola jamin se 3 Fit ki uchaai p hona chaahiye or diwaar se 3 fit ki duri pr hi ek aasan bichaakr beth jaaye apne guru ka dhyaan krte hue prarthana kre k he guru de me jo siddhi krne jaaraha hu usme meri ...

Apsara Sadhana

Apsara Sadhana Namaskar dosto mera naam Mradul Kumar Rishi h aaj m aap logo ko btaaunga kuch asi siddhiyo k bare me jinhe hr insaan siddh kr sakta h... parantu us siddhi k liye saadhak k andar atut shraddha or atut sankalp hona bahout jaruri hai... Apsara Sadhana Ye saadhna apsara ko wash me karne k liye ki jaati h... Yadi coi saadhak is saadhna ko siddh kr le to saadhak apsara ko apne wash me kr sakta h tatha apsara saadhak ki hr itchaa ko puri krti h... Apsara Saadhna ko siddh krne ka tarika sabse pahle aap ye jaan le ki is saadhna ko karne k liye sabse pahle to aapko shuddhta ka dhyaan rakhna hoga or 7 Dino k liye brhmchr ka paalan krna hoga ... kisi b shaant jaga p ek kamre me yellow ya pink colour ka bulb ya coi light lagaye... or kamre k andar faaltu ka saaman na ho... coi b attcha sa din dekh kr kamre ki attche se safai krke ganga jal se suddhi krle (ganga jal chidak le) uske baad saatri 10:30 ek gulabi rang ka aasn, ek ispitick ya rudeaksh ki maala, ek gulaa...